भारत सरकार के वाणिज्य विभाग में आपका स्वागत है : 91-11-23062261
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Shri Narendra Modi
श्री नरेंद्र मोदी
भारत के प्रधान मंत्री
प्रभागों
विदेश व्यापार (अफ्रीका)
मंडल के कार्य

यह प्रभाग उप सहारा अफ्रीका क्षेत्र (पूर्वी, पश्चिमी, मध्‍य एवं दक्षिणी) जिसमें अफ्रीका के 50 देश शामिल हैं, के संबंध में व्‍यापार संवर्धन, नीति, वार्ता तथा अन्‍य संबंधित गतिविधियों से संबंधित काम देखता है।

मंडल में अधिकारी

विदेश व्‍यापार (अफ्रीका) प्रभाग के अधिकारियों का ब्‍यौरा :

  • श्री मनोज द्विवेदी : संयुक्‍त सचिव
  • सुश्री हिमानी सरद : उप सचिव
  • श्री टी एन प्रेम : अवर सचिव
  • श्री सुधीर सिंह लांबा : अनुभाग अधिकारी
  • सुश्री आशा किरन वर्मा : सहायक
द्विपक्षीय व्यापार सांख्यिकी
2013-14 2014-15
निर्यात 25.80 27.14
पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि (प्रतिशत में) 9.89 % 5.20 %
आयात 31.53 34.75
पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि (प्रतिशत में) -8.36 % 10.25 %
कुल व्‍यापार 57.32 61.89
पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि (प्रतिशत में) -0.96 % 0.07 %

(मूल्‍य बिलियन अमरीकी डालर में)(स्रोत : डीजीसीआई एंड एस)

व्‍यापार करार एवं वार्ता (मौजूदा)

भारत सरकार तथा अफ्रीका के विभिन्‍न देशों की सरकारों के बीच 19 व्‍यापार करार मौजूद हैं। इन व्‍यापार करारों की सूची विभाग की वेबसाइट [अंतर्राष्‍ट्रीय व्‍यापार > व्‍यापार करार > भारत – अफ्रीका व्‍यापार करार] पर उपलब्‍ध है

भारत – साकू पीटीए तथा भारत – कोमेसा पीटीए / एफटीए के लिए वार्ता की वर्तमान स्थिति ‘अंतर्राष्‍ट्रीय व्‍यापार’ के तहत ‘व्यापार करार’ में ‘आरटीए में भारत की माजूदा भागीदारियां’ में विभाग की वेबसाइट पर उपलब्‍ध है।

[ अंतर्राष्‍ट्रीय व्‍यापार > व्‍यापार करार > आरटीए में भारत की मौजूदा भागीदारियां ]

अफ्रीका में क्षमता निर्माण

अफ्रीका के चुनिंदा देशों में कॉटन एवं टेक्‍सटाइल क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए कॉटन तकनीकी सहायता कार्यक्रम भारत सरकार की एक पहल है। मई 2011 में अदिस अबाबा में आयोजित भारत – अफ्रीका मंच की दूसरी शिखर बैठक के दौरान इस कार्यक्रम की घोषणा की गई तथा मार्च 2012 में नई दिल्‍ली में आयोजित दूसरी भारत – अफ्रीका व्‍यापार मंत्री बैठक के दौरान आधिकारिक तौर पर इसे लांच किया गया।

21 करोड़ रुपए की सहायता से अफ्रीका के चुनिंदा देशों अर्थात बुर्किना फासो, बेनिन, चाड, माले (कॉटन 4), मालावी, नाइजीरिया और युगांडा में कॉटन क्षेत्र के लिए तकनीकी सहायता कार्यक्रम (टीएपी) लांच किया गया तथा तीन वर्ष की अवधि (2011-14) में सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

अब तक 150 से अधिक प्रतिभागियों को कॉटन अनुसंधान एवं विकास, फसल पश्‍चात प्रथाओं, आधुनिक विस्‍तार प्रणालियों, कृषक फील्‍ड विद्यालयों, टेक्‍सटाइल एवं परिधान उद्योग का विकास आदि जैसे क्षेत्रों में विभिन्‍न प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में भारतीय संस्‍थाओं में प्रशिक्षित किया गया है। प्रतिभागियों में उच्‍च स्‍तरीय प्रासंगिक सरकारी अधिकारी, शोध वैज्ञानिक, विस्‍तार अधिकारी, ओटाई एवं डाउनस्‍ट्रीम उद्योग से प्रतिनिधि आदि शामिल थे।

कार्यक्रम के तहत कार्यान्वित की जा रही निम्‍नलिखित गतिविधियों से अवसंरचना एवं ज्ञान आधार का सृजन हुआ है और इनसे मूल्‍य श्रृंखला में ऊपर उठने तथा देश के किसानों एवं लोगों के लिए बेहतर प्रतिफल प्राप्‍त करने में लाभार्थी देशों को मदद मिलेगी :

नाइजीरिया और मालावी में कौशल विद्यालय उद्योग के लिए कुशल / प्रशिक्षित जनशक्ति प्रदान करते हैं
युगांडा में बायो पेस्‍टीसाइड लैब जैविक कॉटन को बढ़ावा देता है
बेनिन में ज्ञान क्‍लस्‍टर फसल पश्‍चात प्रौद्योगिकी / उद्योग का प्रदर्शन कर रहा है
प्रायोगिक आधार पर मालावी में आईसीटी आधारित पेस्‍ट एवं डिजीज निगरानी प्रणाली
सभी प्रतिभागी देशों ने कार्यक्रम को हाथोंहाथ लिया है तथा इसकी सराहना की है।

आरटीआई अधिनियम के तहत अनिवार्य खुलासे

विदेश व्‍यापार (अफ्रीका) प्रभाग के संबंध में सीपीआईओ के नाम, पदनाम और अन्‍य ब्‍यौरों में आरटीआई अधिनियम की धारा 4 (अनिवार्य प्रकटन) के तहत परिवर्तन हो सकता है :

सुश्री हिमानी सरदउप सचिव
  • कमरा संख्या : 280
  • फ़ोन : 23062863/510

16 नवंबर, 2015 की स्थिति के अनुसार

भारत – साकू तरजीही व्‍यापार करार (पीटीए) वार्ता

1910 में स्‍थापित दक्षिणी अफ्रीकी कस्‍टम यूनियन (साकू) विश्‍व में सबसे पुराना कस्‍टम यूनियन है तथा इसमें 5 देशों अर्थात बोत्‍सवाना, लेसोथो, नामीबिया, स्‍वाजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका का समूह शामिल है।

अभी तक वार्ता के पांच दौर आयोजित हो चुके हैं।

वार्ता के पहले दौर का आयोजन 5 और 6 अक्‍टूबर 2007 को प्रीटोरिया में हुआ तथा वार्ता के 5वें दौर का आयोजन नई दिल्‍ली में 7 और 8 अक्‍टूबर 2010 को हुआ।

दोनों पक्षों ने नामीबिया में भारतीय उच्‍चायोग में टैरिफ तरजीह अनुरोध की अपनी अपनी सूचियों का आदान प्रदान किया।

भारत – साकू पीटीए पर वार्ता के 6वें दौर का आयोजन नामीबिया में होना है।

भारत और कोमेसा के बीच भारत – कोमेसा (पूर्वी एवं दक्षिणी अफ्रीका के लिए सामान्‍य बाजार) तरजीही व्‍यापार करार (एफटीए)

पूर्वी एवं दक्षिणी अफ्रीका के लिए सामान्‍य बाजार (कोमेसा) अफ्रीका का सबसे बड़ा आर्थिक समुदाय है जिसमें 19 सदस्‍य राज्‍य अर्थात बुरुंडी, कोमोरोस, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्‍य, डिजिबाउटी, मिस्र, इरीट्रिया, इथोपिया, केन्‍या, लीबिया, मेडागास्‍कर, मालावी, मारीशस, रुवांडा, सेशल्‍स, स्‍वाजीलैंड, सूडान, युगांडा, जांबिया और जिंबाब्‍वे शामिल हैं।

भारत और कोमेसा के बीच एफटीए की संभावना की जांच करने के लिए एक संयुक्‍त अध्‍ययन समूह (जेएसजी) का गठन किया गया है।

भारत – कोमेसा जेएसजी की पहली बैठक 30 और 31 जुलाई 2012 को लुसाका में हुई।

जेएसजी की पहली बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि भारत – कोमेसा जेएसजी एक संयुक्‍त रिपोर्ट प्रस्‍तुत करेगा जिसमें भारत सरकार तथा कोमेसा सचिवालय द्वारा विचार के लिए उसकी सिफारिशें होंगी।

कोमेसा पक्ष ने भारतीय पक्ष द्वारा प्रस्‍तावित जेएसजी रिपोर्ट की संरचना पर अपनी सहमति प्रदान की तथा कोमेसा के महासचिव ने जेएसजी रिपोर्ट का प्रारूप तैयार करने का अनुरोध किया जिसकी आगे चलकर कोमेसा के सदस्‍यों द्वारा जांच की जाएगी।

भारतीय पक्ष की ओर से अध्‍ययन संचालित करने तथा जेएसजी की रिपोर्ट पर काम करने के लिए विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस) को एजेंसी / ज्ञान साझेदार के रूप में चुना गया।

जेएसजी की अगली बैठक निर्धारित की जानी है।